आर्य समाज फतेहपुरकृण्वन्तो विश्वमार्यम्

कृण्वन्तो विश्वमार्यम् — “विश्व को श्रेष्ठ बनाएँ”

आर्य समाज फतेहपुर

फतेहपुर (उत्तर प्रदेश) में वेद-ज्ञान, हवन, सत्संग और समाज सेवा का केन्द्र – महर्षि दयानन्द सरस्वती के आदर्शों पर आधारित।

हमारी गतिविधियाँवैदिक संस्कार व विवाह

हम क्या करते हैं

हवन व सत्संग

वेद मन्त्रों सहित नियमित यज्ञ, भजन और प्रवचन – सभी के लिए खुले।

सोलह संस्कार

नामकरण, उपनयन, आर्य समाज विवाह आदि वैदिक विधि से सम्पन्न।

शिक्षा व वेद अध्ययन

सभी आयु वर्ग के लिए वेद, उपनिषद और सत्यार्थ प्रकाश का अध्ययन।

समाज सेवा

अन्धविश्वास व भेदभाव के विरुद्ध, शिक्षा और सेवा को बढ़ावा।

अंतरजातीय विवाह अभियान

जाति नहीं, चरित्र के आधार पर विवाह – आर्य समाज का ऐतिहासिक सुधार। विस्तार से पढ़ें

आर्य समाज की दृष्टि

आर्य समाज की स्थापना महर्षि दयानन्द सरस्वती ने 10 अप्रैल 1875 को मुम्बई में की। यह एक निराकार ईश्वर, वेदों की प्रामाणिकता, सत्य, समानता, सबके लिए शिक्षा तथा मूर्तिपूजा, जन्मना जाति-भेद और अन्धविश्वास के त्याग का सन्देश देता है।

दस नियम पढ़ेंस्वामी दयानन्द के बारे में
पधारें: सत्संग व हवन प्रत्येक रविवार प्रातः 9–11 बजे, आर्य समाज भवन, कटरा अब्दुल गनी। सभी का स्वागत है। पता व संपर्क विवरण देखें →